UP News: लखीमपुर खीरी के एक निजी अस्पताल में एक बच्चे की दुखद मृत्यु हो गई। लाचार पिता बच्चे के शव को एक थैले में लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचा। उसने अधिकारियों को बताया कि गलत इलाज के कारण नवजात की जान चली गई। इसके बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उप-जिलाधिकारी ने महेवागंज स्थित निजी अस्पताल का दौरा किया और उसे तुरंत सील कर दिया।
UP Tak News: लखीमपुर खीरी के महेवागंज में एक निजी अस्पताल में प्रसव से पूर्व एक महिला के पेट में ही शिशु की मृत्यु हो गई। पिता विपिन गुप्ता रोते हुए अपने बच्चे का शव एक थैले में लेकर शुक्रवार दोपहर 12 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां बैठे मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने विपिन की बात सुनी। विपिन ने अस्पताल पर गलत इलाज लगाने का आरोप लगाया। इसके बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने महेवागंज के गोलदार हॉस्पिटल को तुरंत सील कर दिया।
विपिन भीरा क्षेत्र के नौसर जोगी गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी रूबी (27) को बिजुआ पीएचसी में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों ने बताया कि रूबी की हालत गंभीर है। उन्होंने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रूबी की बहन ने गांव की आशा कार्यकर्ता दीपा को सारी जानकारी दी। दीपा ने रूबी को महेवागंज के गोलदार हॉस्पिटल में भर्ती कराने की सलाह दी। इसके बाद विपिन और उसके परिवार वाले बुधवार रात करीब ढाई बजे रूबी को लेकर उस अस्पताल में पहुंचे और भर्ती कराया।
UP News: ‘नर्स ने पत्नी को जबरन अस्पताल से बाहर निकाला’
विपिन के अनुसार, वहां मौजूद डॉ. हुकूमा गुप्ता और डॉ. मनीष गुप्ता ने उससे 25,000 रुपये जमा करने को कहा। उस समय उसके पास केवल 5,000 रुपये थे, जो उसने जमा करा दिए। इलाज के दौरान रूबी की हालत बिगड़ने लगी। यह देखकर, बृहस्पतिवार दोपहर को नर्स ने रूबी को जबरदस्ती अस्पताल से बाहर निकाल दिया।
UP News: शिशु की पेट में ही हुई मौत
दूसरे निजी अस्पताल में रुबी को ले जाने पर पता चला। शिशु की पेट में ही मौत गलत दवा से हुई थी। रुबी का ऑपरेशन कर मृत शिशु को निकाला गया। इस घटना से दुखी विपिन शुक्रवार दोपहर शिशु के शव को लेकर डीएम कार्यालय पहुँचा। पूरी बात सुनकर सीएमओ और एसडीएम सदर अश्वनी कुमार सिंह बैठक छोड़कर महेवागंज आए। उन्होंने तुरंत अस्पताल को सील कर दिया।
UP News: साहब ! बच्चे को जिंदा कर दो इसकी मां को क्या जवाब दूंगा
बेटे के खोने का गम लिए पिता दर-दर भटकता रहा। विपिन, अपने शिशु का शव एक थैले में लिए, डीएम दफ्तर की बैठक में पहुंचा। वहां मौजूद अधिकारी, थैले में बंद शव देखकर हैरान रह गए। विपिन रोते हुए अधिकारियों के पास गया। वह बस यही विनती करता रहा कि किसी तरह उसके बच्चे को बचा लो। बच्चे की मां दूसरे अस्पताल में है। उसे बताया गया है कि बच्चे की हालत खराब है। इसीलिए उसे दूसरी जगह भर्ती कराया गया है।
UP News: अधिकारियों का भी पसीज गया दिल
इसकी मां को क्या जवाब दूँ, आप ही बताइए। पीड़ित की आपबीती सुनकर अधिकारी भी द्रवित हो उठे। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता और एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह दलबल के साथ गोलदार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित को ढांढस बंधाया। टीम ने जांच पड़ताल शुरू की। डीएम को घटना की जानकारी दी गई। उनके आदेश पर अस्पताल को सील कर दिया गया। अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों को जिला महिला अस्पताल स्थानांतरित किया गया। कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।
UP News: प्रसूता के इलाज का खर्च उठाएंगी डीएम
डीएम के आदेश पर, एडीएम न्यायिक अनिल कुमार रस्तोगी अपनी टीम संग दूसरे निजी अस्पताल पहुँचे। उन्होंने वहाँ भर्ती रूबी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉक्टरों को रूबी को बेहतर इलाज देने का निर्देश दिया गया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने इलाज का पूरा खर्चा उठाने की बात कही। उन्होंने परिवार वालों को भरोसा दिलाया कि चिंता न करें, जिला प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
UP News: सात वर्ष का है एक बेटा
विपिन के घर सात साल बाद खुशियाँ आने वाली थीं, पर यह पल बिखर गया। विपिन का एक सात साल का बेटा है। घर में दूसरी संतान का आगमन होने वाला था। मरीज में रक्त की कमी थी। ऑपरेशन मेरे अस्पताल में नहीं हुआ। प्रशासन ने एकतरफा कदम उठाया है। सीसी कैमरे की फुटेज से सब सच सामने आ जाएगा। विभाग किसी भी अस्पताल का पंजीकरण नवीनीकरण नहीं कर रहा है। इसी कारण मेरे अस्पताल का भी पंजीकरण नवीनीकरण नहीं हुआ। मनीष कुमार, संचालक, गोलदार हॉस्पिटल।
गोलदार हॉस्पिटल को बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई अस्पताल का पंजीकरण एक साल से नवीनीकृत न होने पर हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। अस्पताल में हो रहे इलाज की भी जांच की जा रही है। – डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ।
हिंदी में खबरे देखने और पढ़ने के लिए विजिट करें हमारी वेबसाइट
UP Tak News
Note: ⇒ We hope you liked this information, all the sources of this information are taken from all the sources available on the internet, by order of Team UP Tak News

You can read news related to Uttar Pradesh by Clicking here
⇒ Follow Us On Social Hanadle ON UP TAK NEWS
हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें UP TAK NEWS पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट
यूपी तक न्यूज़ लाइव पर पढ़ें बॉलीवुड, लाइफस्टाइल, राज्य और खेल जगत, स्वास्थ्य
से जुड़ी ख़बरें
Author: UP Tak News
UP TAK NEWS वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो Uttar Pradesh क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ UP क्षेत्र और अन्य ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. UP TAK NEWS न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.uptaknews.in से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |










