मां की हत्या कर बेटी को अगवा करने वाला पारस सोम दिल्ली से हरिद्वार तक भटकता रहा, सर्विलांस और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से बच्ची सुरक्षित बरामद
मेरठ कपसाड़ हत्याकांड
Meerut UP News: ठाकुर चौबीसी क्षेत्र के गांव कपसाड़ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की नृशंस हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण से जुड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फरार चल रहा मुख्य आरोपी पारस सोम आखिरकार एक फोन कॉल की वजह से पुलिस के जाल में फंस गया। हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में सवार आरोपी को उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से रुड़की रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अपहृत रूबी को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, शनिवार को पारस सोम गलती से गलत ट्रेन में बैठ गया था। टपरी जंक्शन पार करने के बाद उसे अहसास हुआ कि ट्रेन सहारनपुर की बजाय रुड़की की ओर जा रही है। इसी दौरान उसने ट्रेन में मौजूद एक यात्री का मोबाइल लेकर गांव में अपने दोस्त को फोन किया और गांव के हालात की जानकारी ली। यह कॉल पहले से सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के दायरे में आ गई और पुलिस हरकत में आ गई।
जंगलों से दिल्ली, फिर गलत ट्रेन बनी गिरफ्तारी की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वारदात के दिन 8 जनवरी को आरोपी और रूबी पैदल ही कपसाड़ गांव से निकले थे। जंगलों के रास्ते सड़क तक पहुंचने के बाद एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर खतौली पहुंचे। वहां आरोपी ने एक रिश्तेदार से कुछ रुपये लिए, लेकिन पुलिस की दबिश की खबर मिलते ही लगातार ठिकाने बदलता रहा।
पुलिस की टीमें बड़गांव, हापुड़ और हरियाणा के जींद तक रिश्तेदारों के यहां पहुंच चुकी थीं। घबराकर पारस रूबी को लेकर दिल्ली चला गया, जहां दोनों कुछ समय तक भटकते रहे। इसके बाद वह शाहदरा से हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गया, लेकिन ट्रेन के रूट की जानकारी न होने के कारण वह गलत दिशा में चला गया।
सर्विलांस ने निभाई निर्णायक भूमिका
टपरी स्टेशन से ट्रेन के रुड़की की ओर बढ़ते ही पारस ने अपने गांव के दोस्त को फोन कर बताया कि वह गलत ट्रेन में बैठ गया है। पुलिस को जैसे ही ट्रेन संख्या 14305 हरिद्वार पैसेंजर की लोकेशन मिली, सहारनपुर और उत्तराखंड पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। चूड़ियाला में ट्रेन निकल चुकी थी, लेकिन रुड़की स्टेशन पर पुलिस ने घेराबंदी कर ट्रेन में ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के समय आरोपी और रूबी के पास कोई भी टिकट नहीं मिला। दोनों बिना टिकट यात्रा कर रहे थे।
तीन मोबाइल नंबर बने आरोपी की कमजोरी
पुलिस जांच में पता चला कि पारस सोम को केवल तीन दोस्तों के ही मोबाइल नंबर याद थे। सभी रिश्तेदारों और परिचितों के फोन पहले से सर्विलांस पर लगाए गए थे। जैसे ही आरोपी ने अपने दोस्त को फोन किया, उसकी लोकेशन ट्रेस हो गई और पुलिस को सफलता मिल गई।
प्रेम-प्रसंग का दावा, पुलिस कर रही सत्यापन
पुलिस कस्टडी में पारस सोम ने दावा किया है कि रूबी से उसका तीन साल पुराना प्रेम संबंध था और दोनों इंटर कॉलेज में साथ पढ़ते थे। उसने यह भी कहा कि रूबी की शादी तय होने से दोनों परेशान थे और पहले से भागने की योजना बना रहे थे। हालांकि पुलिस इन दावों की पुष्टि रूबी के बयान के बाद ही करेगी।
सुनील को क्लीनचिट, इनाम से पहले गिरफ्तारी
रूबी के भाई द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में नामजद सुनील को पूछताछ के बाद क्लीनचिट दे दी गई है। वहीं, आरोपी पारस सोम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी गिरफ्तारी हो गई।
आगे की कार्रवाई रूबी के बयान पर निर्भर
फिलहाल रूबी को आशा ज्योति केंद्र में महिला पुलिस की निगरानी में रखा गया है। मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज होने के बाद ही आगे की कानूनी धाराएं तय की जाएंगी।
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