West Bengal Election 2026: बंगाल में 25 वर्षों के बाद दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं; जाने निर्वाचन आयोग ने इसका क्या कारण बताया है

West Bengal Election 2026: Elections in Bengal are being held in two phases after 25 years; find out the reason cited by the Election Commission.

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West Bengal Assembly Election 2026: देश के चार राज्यों (असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु) और एक केंद्र शासित प्रदेश (पुदुचेरी) में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य सभी स्थानों पर एक ही चरण में मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान क्यों किया जाएगा, इस प्रश्न का उत्तर सीईसी ने स्वयं दिया है। आइये जानते हैं सीईसी ने क्या कहा

West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग ने रविवार (15 मार्च) को चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इनमें असम, केरल, पुदुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु शामिल हैं। असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में एक ही चरण में चुनाव होंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव आयोजित किए जाएंगे।West Bengal Election 2026: Elections in Bengal are being held in two phases after 25 years; find out the reason cited by the Election Commission.

इस दौरान जब मुख्य चुनाव आयुक्त से यह पूछा गया कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव क्यों कराए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि पहले पश्चिम बंगाल में चुनाव आठ चरणों में होते थे, लेकिन इस बार चुनाव दो चरणों में होंगे। इस विषय पर आयोग ने गहन विचार-विमर्श किया था और यह उचित समझा कि चरणों की संख्या को कम किया जाए ताकि प्रक्रिया सभी के लिए अधिक सुविधाजनक हो सके। पिछले चुनावों में हिंसा में शामिल रहे पुलिस अधिकारियों की सूची भी हमारे पास है और उनके खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

West Bengal Election 2026: बंगाल में 25 वर्ष के बाद केवल दो चरणों में मतदान होगा

अंतिम बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2001 में केवल एक चरण में आयोजित किए गए थे।
Sr. No.             वर्ष मतदान ( कुल चरण )
1 2006 में पांच चरण
2 2011 में छह चरण
3 2016 में सात चरण
4 2021 में आठ चरण
पश्चिम बंगाल में पिछले तीन लोकसभा चुनावों के दौरान मतदान कई चरणों में संपन्न हुआ है।
Sr. No. वर्ष मतदान ( कुल चरण )
1 2014 में पांच चरण
2 2019 में सात चरण
3 2024 में सात चरण

 

West Bengal Election 2026: Elections in Bengal are being held in two phases after 25 years; find out the reason cited by the Election Commission.

West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग पर लगे आरोपों पर सफाई दी

एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 326 चुनाव आयोग को यह संवैधानिक दायित्व सौंपता है कि वह केवल योग्य व्यक्तियों को ही मतदाता सूची में शामिल करे। चुनाव आयोग यह जिम्मेदारी एसआईआर के माध्यम से निभाता आया है। जहां तक राजनीतिक व्यक्तियों या दलों द्वारा दिए गए राजनीतिक बयानों का सवाल है, आयोग इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहता। चुनाव से पहले दिए गए बयानों या निर्णयों पर चुनाव आयोग की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

West Bengal Election 2026: चुनावी हिंसा पर मुख्य चुनाव आयुक्त की दो टूक

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राजनीतिक हिंसा और चुनाव को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम को सहन नहीं करेगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। जहां तक गलत जानकारी फैलाने या डीप फेक का सवाल है, हमारे नोडल ऑफिसर इसकी निगरानी करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने की व्यवस्था करेंगे।

West Bengal Election 2026: SIR पर चुनाव आयोग पर लगे आरोप

एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर लगे आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 326 चुनाव आयोग को यह संवैधानिक दायित्व देता है कि वह सिर्फ पात्र लोगों को ही मतदाता सूची में रखे। चुनाव आयोग यह जिम्मेदारी एसआईआर के जरिए निभाता आया है। जहां तक राजनीतिक व्यक्तियों या राजनीतिक दलों की ओर से दिए गए राजनीतिक बयानों की बात है, आयोग इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। चुनाव से पहले दिए गए वक्तव्यों या फैसलों पर चुनाव आयोग का टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा।

राजनीतिक पार्टियों के आरोप और चुनावी हिंसा पर आयोग की टिप्पड़ी

चुनावी तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव आयोग से कई प्रश्न पूछे गए। इनमें एसआईआर से संबंधित चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप, आचार संहिता के लागू होने से पहले की घोषणाएं और चुनावी हिंसा से जुड़े सवालों पर सीईसी ने उत्तर दिए हैं।

आचार संहिता से ठीक पहले हुई घोषणा

उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों द्वारा आचार संहिता के लागू होने से ठीक पहले घोषणाएं करने के संदर्भ में, लोकतांत्रिक व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकारें आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले किसी भी नीति या निर्णय को लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, आचार संहिता लागू होने के बाद ऐसा करना अनुमति नहीं है और यह आचार संहिता पांच राज्यों में अभी से लागू हो चुकी है।

चुनावी राज्यों में चुनाव से जुड़ी अहम तारीखें
State:  असम
सीटें: 126 बहुमत 64
अधिसूचना 16-Mar
नामांकन की आखिरी तारीख 23-Mar
नामांकन पत्रों की जांच  24 मार्च
नाम वापसी की आखिरी तारीख 26 मार्च
मतदान 9 अप्रैल
नतीजे 4 मई
State: पुदुचेरी
सीटें: 30 बहुमत: 16
अधिसूचना 16-Mar
नामांकन की आखिरी तारीख 23-Mar
नामांकन पत्रों की जांच  24 मार्च
नाम वापसी की आखिरी तारीख 26 मार्च
मतदान 9 अप्रैल
नतीजे 4 मई
State:  केरल
सीटें: 140 बहुमत: 71
अधिसूचना 16-Mar
नामांकन की आखिरी तारीख 23-Mar
नामांकन पत्रों की जांच  24 मार्च
नाम वापसी की आखिरी तारीख 26 मार्च
मतदान 9 अप्रैल
नतीजे 4 मई
State:  तमिलनाडु
सीटें: 140 बहुमत: 71
अधिसूचना 16 मार्च
नामांकन की आखिरी तारीख 23-Mar
नामांकन पत्रों की जांच  24 मार्च
नाम वापसी की आखिरी तारीख 26 मार्च
मतदान 9 अप्रैल
नतीजे 4 मई
State:  पश्चिम बंगाल
सीटें: 294 बहुमत: 148
पहला चरण 152 सीटें
अधिसूचना 30 मार्च
नामांकन की आखिरी तारीख 06-Apr
नामांकन पत्रों की जांच 07 मार्च
नाम वापसी की आखिरी तारीख 9 अप्रैल
मतदान 23 अप्रैल
नतीजे 4 मई
दूसरा चरण 142 सीटें
अधिसूचना 02 Aprail
नामांकन की आखिरी तारीख 09 Aprail
नामांकन पत्रों की जांच 10 Aprail
नाम वापसी की आखिरी तारीख 13 Aprail
मतदान 29 Aprail
नतीजे 4 मई

Assembly Election Date 2026: किस राज्य में क्या है आंकड़े

  • पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़ मतदाता हैं 
  • असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता है 
  • केरल में 2.70 करोड़ मतादाता हैं 
  • केरल में 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता हैं 
  • असम में 31 हजार पोलिंग बूथ बनाए गए हैं
  • 25 लाख चुनाव अधिकारी तैनात किए गए हैं 
  • 5 राज्यों में 17.4 करोड़ वोटर हैं 
  • 5 राज्यों में 218870 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं 
  • 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी  नियुक्त किए गए हैं 
  • काउंटिग के लिए 40 हजार कर्मचारी नियुक्त किए गए 
  • पुडुचेरी में 5 लाख महिला मतदाता है

विधान सभा चुनाव के लिए आयोग ने क्या तैयारियां की हैं ?

सभी पांच राज्यों के इस चुनाव में इस बार नया क्या हैं?

Hindi

1. मतदान केंद्रों में मोबाइल जमा करने की सुविधा।
2. ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और बड़े फॉन्ट में नाम।
3. प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता।
4. मतदान केंद्र से 100 मीटर के बाहर उम्मीदवारों के बूथ की अनुमति।
5. अधिक स्पष्ट और बेहतर मतदाता सूचना पर्ची।
6. सभी प्रमुख मतदाता सेवाओं और सभी हितधारकों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म।
7. सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग।
8. हर दो घंटे में ECINET पर मतदान प्रतिशत का डेटा सीधे अपलोड होगा।

English

1. Facility to deposit mobile phones at polling stations.
2. Candidates’ color photographs and names in a larger font size on the EVM ballot paper.
3. A maximum of 1,200 voters per polling station.
4. Permission for candidates’ booths to be set up outside a 100-meter radius of the polling station.
5. Clearer and improved Voter Information Slips.
6. A one-stop digital platform for all key voter services and for all stakeholders.
7. 100% webcasting at all polling stations.
8. Voter turnout data will be uploaded directly to ECINET every two hours.

Election 2026: चुनाव में इस बार 25 लाख अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे – CEC

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 750-900 मतदाता हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान होगा; 25 लाख चुनाव अधिकारी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।

इस दौरान एसआईआर से संबंधित चुनाव आयोग पर लगे आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 326 चुनाव आयोग को यह संवैधानिक दायित्व सौंपता है कि वह केवल योग्य व्यक्तियों को ही मतदाता सूची में शामिल करे। चुनाव आयोग यह जिम्मेदारी एसआईआर के माध्यम से निभाता आया है। जहां तक राजनीतिक व्यक्तियों या दलों द्वारा दिए गए राजनीतिक बयानों का सवाल है, आयोग इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहता। चुनाव से पहले दिए गए बयानों या निर्णयों पर चुनाव आयोग की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

वहीं आचार संहिता के लागू होने से ठीक पहले की गई घोषणाओं पर उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों द्वारा आचार संहिता लागू होने से पहले घोषणाएं करने का मामला है, लोकतांत्रिक व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकारें आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले किसी भी नीति या निर्णय को लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, आचार संहिता लागू होने के बाद इसकी अनुमति नहीं है और पांच राज्यों में यह आचार संहिता अब से लागू हो गई है। इसके साथ ही चुनावी हिंसा पर सीईसी ने कहा कि राजनीतिक हिंसा और चुनाव को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम को चुनाव आयोग बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जहां तक गलत जानकारी फैलाने या डीप फेक का सवाल है, हमारे नोडल ऑफिसर इसकी निगरानी करेंगे और उचित समझने पर एफआईआर की व्यवस्था करेंगे।

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