Swami Avimukteshwaranand News: उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) ने शनिवार की रात स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और अन्य के खिलाफ POCSO अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की। यह कार्रवाई प्रयागराज की विशेष POCSO कोर्ट के आदेश के कुछ घंटों बाद की गई। FIR झूंसी थाने में रात 23:37 बजे दर्ज की गई। इससे पहले, एडिशनल सेशन जस्टिस/स्पेशल जस्टिस (POCSO) विनोद कुमार चौरसिया ने संबंधित थाना प्रभारी को मामले को तुरंत दर्ज करने का निर्देश दिया।
FIR में POCSO अधिनियम की धाराएं 3, 5(एल), 4(2), 6, 16, 17 और 51 लगाई गई हैं। धारा 5(एल) सहपठित धारा 6 के अंतर्गत बालक के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए न्यूनतम 20 वर्ष की कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 173(4) के तहत दायर प्रार्थना पत्र पर जारी किया गया। आवेदन आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने प्रारंभिक लिखित शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा।
आवेदन में यह आरोप लगाया गया है कि दो नाबालिग, जिनमें से एक लगभग 14 वर्ष की है और दूसरी 17 वर्ष 6 माह की है, को माघ मेला 2025-26 के दौरान यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया। शिकायत के अनुसार, यह कृत्य धार्मिक सेवा और शिष्यत्व के नाम पर किए गए। अदालत ने पुलिस आयुक्त की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर विचार करते हुए कहा कि उपलब्ध सामग्री दो नाबालिगों के साथ गंभीर और विशिष्ट प्रकार के यौन उत्पीड़न के आरोप दर्शाती है। अदालत ने कहा कि पीड़ितों और आरोपियों की मेडिकल जांच, भौतिक साक्ष्यों का संकलन, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सामग्री की जब्ती, फोरेंसिक परीक्षण, मोबाइल लोकेशन की जांच और अन्य व्यक्तियों की पहचान जैसे कदम आवश्यक हैं।
स्पेशल जज ने यह टिप्पणी की कि संज्ञेय अपराधों, विशेषकर बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न जैसे मामलों की जांच राज्य का वैधानिक दायित्व है और इसे शिकायतकर्ता पर नहीं छोड़ा जा सकता। अदालत ने निष्पक्ष, स्वतंत्र और त्वरित जांच के निर्देश दिए। FIR के अनुसार, नाबालिगों को शिक्षा और सेवा के नाम पर गुरुकुल जैसे माहौल में रखा गया, जहां उनके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया। शिकायत में आरोप है कि शिष्यों ने दबाव डालते हुए कहा, “यह गुरु-सेवा है। इससे आशीर्वाद मिलेगा।” इसके बाद उन्हें निर्वस्त्र सुलाने और यौन शोषण करने के आरोप लगाए गए। FIR में कहा गया कि कथित घटनाएं 13 जनवरी 2025 से 15 फरवरी 2026 के बीच विभिन्न अवसरों पर, जिनमें माघ मेला भी शामिल है, हुईं। मामले की जांच अब पुलिस द्वारा की जा रही है।
Swami Avimukteshwaranand News: शंकराचार्य ने इस फ़ैसले पर क्या कहा?
कोर्ट के इस आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने यह दावा किया है कि यह मामला झूठा है। उन्होंने कहा, “हमारे ख़िलाफ़ दर्ज किए गए झूठे केस की सच्चाई सबके सामने आ जाएगी और दोषियों को सज़ा मिल सकेगी। इसलिए केस दर्ज होना और आगे की जांच होना ज़रूरी है।”
“कोर्ट को इस पर जल्दी काम करना चाहिए और ज़्यादा समय नहीं लेना चाहिए, क्योंकि बहुत लोग इस मामले को देख रहे हैं। गवाही दर्ज हो और जल्द फ़ैसला लिया जाए। जो ग़लत है वह ग़लत ही रहेगा, जो झूठा केस दर्ज किया गया है वह आख़िरकार झूठा साबित होगा।
वहीं अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ शिकायत की मांग करने वाली याचिका लेकर कोर्ट पहुंचे व्यक्ति का बयान भी सामने आया है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ एफआईआर करने का आदेश दिया गया है। प्रथम दृष्ट्या हमें न्याय मिला है। अविमुक्तेश्वरानंद छोटे बच्चों के साथ कुकर्म करते थे, लैंगिक अपराध करते थे। कोर्ट ने उन साक्ष्यों की जांच करने के भी आदेश दिए हैं, जो हमने प्रस्तुत किए थे।
Swami Avimukteshwaranand News: सीएम योगी और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच तकरार
इसी साल जनवरी में उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में एक विवाद के कारण चर्चा में थे। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम में स्नान करने वाले थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद वे धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने पहले यह मांग की थी कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, तभी वे स्नान करेंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 28 जनवरी को यह घोषणा की कि वे इस माघ मेला में स्नान नहीं करेंगे और उन्हें दुखी मन से मेले को छोड़ना पड़ रहा है।
उन्होंने मीडिया को जारी बयान में यह दावा किया है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई शंकराचार्य बिना स्नान किए मेला छोड़कर गए हों। इस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट करके भारतीय जनता पार्टी को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया था। हालाँकि इस मामले में बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। लेकिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनसे स्नान करने की अपील की थी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने इस मामले में किसी का नाम लिए बिना कहा कि ‘कुछ लोग कालनेमि’ हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बयान हरियाणा के सोनीपत में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया था। उन्होंने कहा था, ”ऐसे कई कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साज़िश कर रहे होंगे। हमें उनसे सावधान रहना होगा। हमें उनसे सतर्क रहना होगा।
योगी आदित्यनाथ ने 14 फ़रवरी को यूपी विधानसभा में कहा था कि ‘हर कोई शंकराचार्य नहीं बन सकता’ है। उन्होंने राज्य में ‘क़ानून के शासन’ पर ज़ोर देते हुए कहा था कि कोई भी व्यक्ति किसी पीठ के आचार्य के रूप में कहीं भी ‘वातावरण ख़राब नहीं कर सकता’। इस पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा था, “नजीर है, आदित्यनाथ के ऊपर 40 से ज़्यादा मुक़दमे थे और जब वह मुख्यमंत्री बने तो सभी मुक़दमे अपने ऊपर से हटवा लिए। ये कैसा क़ानून का पालन है? ये क्या क़ानून में लिखा है कि अगर कोई भी व्यक्ति बड़े पद पर पहुंच जाएगा तो उसके ऊपर से सारे मुक़दमे हटा लिए जाएंगे? ये कहां लिखा है?” उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की विधानसभा में खड़े होकर आपने ये कहा है कि मैं क़ानून का पालन करने वाला हूं। अगर आप क़ानून का पालन करने वाले हैं तो 45 केस और उनका कोर्ट में सामना करिए।
हिंदी में खबरे देखने और पढ़ने के लिए विजिट करें हमारी वेबसाइट
UP Tak News
Note: ⇒ We hope you liked this information, all the sources of this information are taken from all the sources available on the internet, by order of Team UP Tak News

You can read news related to Uttar Pradesh by Clicking here
⇒ Follow Us On Our Social HandleUP TAK NEWS
हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ेंUP TAK NEWS पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट
यूपी तक न्यूज़ लाइव पर पढ़ें बॉलीवुड, लाइफस्टाइल,राज्यऔर खेल जगत, स्वास्थ्य
से जुड़ी ख़बरे।
Author: UP Tak News
UP TAK NEWS वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो Uttar Pradesh क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ UP क्षेत्र और अन्य ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. UP TAK NEWS न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.uptaknews.in से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |









