UGC Bill 2026: क्या मायावती UGC अधिनियम के समर्थन में हैं? विरोध के बीच बसपा प्रमुख ने कहा- …यह तो बिल्कुल भी सही नहीं है।

UGC Bill 2026: Is Mayawati in favor of the UGC Act? Amidst the protests, the BSP chief said - ...This is absolutely not right.

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

UGC Bill 2026: मायावती ने यूजीसी द्वारा सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में समता समिति के गठन का समर्थन किया है और इसे एक सही कदम बताया है। उन्होंने विरोध कर रहे सवर्ण वर्ग को जातिवादी मानसिकता का नाम दिया। हालांकि, मायावती का मानना है कि इस नियम को लागू करने से पहले चर्चा होनी चाहिए थी ताकि सामाजिक तनाव से बचा जा सके। उन्होंने दलितों और पिछड़ों को भड़काऊ बयानों से दूर रहने की सलाह भी दी।UGC Bill 2026: Is Mayawati in favor of the UGC Act? Amidst the protests, the BSP chief said - ...This is absolutely not right.

हाल ही में यूजीसी द्वारा बनाए गए समता कानून के लागू होने के बाद सवर्ण वर्ग इसके खिलाफ उतर आया है, जिससे सियासी हलचल भी शुरू हो गई है। इस एक्ट के लागू होने और इसके विरोध पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

मायावती ने यूजीसी द्वारा सरकारी कॉलेजों और निजी विश्वविद्यालयों में समता समिति के गठन के निर्णय को सही ठहराया और कहा कि इसका विरोध करने वाले केवल जातिवादी मानसिकता के लोग हैं, जो इसे षड्यंत्रकारी बता रहे हैं।\

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, ‘देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव के समाधान के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी, द्वारा सरकारी कॉलेजों और निजी विश्वविद्यालयों में ‘इक्विटी कमेटी’ (समता समिति) बनाने के नए नियम के कुछ प्रावधानों का विरोध केवल सामान्य वर्ग के जातिवादी मानसिकता वाले लोगों द्वारा किया जा रहा है, जो इसे अपने खिलाफ भेदभाव और षड्यंत्र मानते हैं, यह बिल्कुल भी उचित नहीं है।’

मायावती का मानना है कि UGC अधिनियम को लागू करने से पहले इस पर चर्चा होनी चाहिए थी, जिससे तनाव उत्पन्न नहीं होता। उन्होंने लिखा, पार्टी का यह भी मानना है कि इस तरह के नियमों को लागू करने से पहले यदि सभी को विश्वास में लिया जाता तो यह अधिक उचित होता और देश में सामाजिक तनाव का कारण भी नहीं बनता। इस पर सरकारों और सभी संस्थानों को अवश्य ध्यान देना चाहिए।

बसपा सुप्रीमो ने दलितों और पिछड़ों से अपील करते हुए चेतावनी दी कि किसी नेता के भड़काऊ बयानों के प्रभाव में नहीं आना चाहिए। इस संदर्भ में मायावती ने लिखा, ‘साथ ही, ऐसे मामलों में दलितों और पिछड़ों को भी, इन वर्गों के स्वार्थी और बिकाऊ नेताओं के भड़काऊ बयानों के प्रभाव में कतई नहीं आना चाहिए, जिनकी आड़ में ये लोग लगातार घिनौनी राजनीति करते रहते हैं अर्थात् इन वर्गों के लोग अवश्य सतर्क रहें।

यह जानकारी दी जाती है कि यूजीसी के नए नियमों के कारण सवर्ण समाज नाराज होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, कुछ सवर्ण भाजपा नेताओं ने भी इस पर अपनी असहमति व्यक्त की है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया है।

हिंदी में खबरे देखने और पढ़ने के लिए विजिट करें हमारी वेबसाइट

UP Tak News

Note: ⇒ We hope you liked this information, all the sources of this information are taken from all the sources available on the internet, by order of Team UP Tak News

Screenshot 2025 04 19 205150

You can read news related to Uttar Pradesh by Clicking here

Follow Us On Our Social HandleUP TAK NEWS

हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ेंUP TAK NEWS पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट 
यूपी तक न्यूज़ लाइव पर पढ़ें बॉलीवुड, लाइफस्टाइल,राज्यऔर खेल जगतस्वास्थ्य
से जुड़ी ख़बरे
UP Tak News
Author: UP Tak News

UP TAK NEWS वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो Uttar Pradesh क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ UP क्षेत्र और अन्य ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. UP TAK NEWS न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.uptaknews.in से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz Open / Ai Website / Ai Tool