FSSAI News: FSSAI ने पान मसाला की प्लास्टिक आधारित और लैमिनेटेड पैकेजिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जानिए नए सख्त नियम, पर्यावरण पर असर और कंपनियों के लिए इसके क्या मायने हैं।
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग (Packaging) से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन किया है, जिसके तहत प्लास्टिक आधारित और प्लास्टिक-लैमिनेटेड पैकेजिंग को अब प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्राधिकरण के इस नए फैसले का उद्देश्य तंबाकू और सुपारी युक्त उत्पादों की पैकेजिंग में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर अंकुश लगाना और पर्यावरण पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों को कम करना है।
FSSAI News: नए नियमों में क्या है खास?
FSSAI के इस नवीनतम संशोधन के तहत सबसे बड़ा बदलाव पैकेजिंग सामग्री की स्वीकृति को लेकर किया गया है।
FSSAI News: प्लास्टिक पैकेजिंग बाहर
नए नियमों के अनुसार, किसी भी प्रकार की प्लास्टिक आधारित या प्लास्टिक से लैमिनेट की गई पैकेजिंग सामग्री को अब पान मसाला के लिए ‘अनुमत या निर्दिष्ट पैकेजिंग सामग्री’ (Permitted Packaging Material) की सूची से बाहर कर दिया गया है।
FSSAI News: मानकों का होगा कड़ाई से पालन
निर्माताओं को अब अपने उत्पादों की पैकेजिंग के लिए FSSAI द्वारा निर्धारित नए और कड़े मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। यदि कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
किन सामग्रियों और उद्योगों पर पड़ेगा असर?
इस संशोधन का सीधा असर उन तमाम कंपनियों और निर्माताओं पर पड़ेगा जो अपने उत्पादों (विशेषकर पान मसाला और गुटखा उत्पादों) की पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक या प्लास्टिक-लैमिनेटेड पाउच का उपयोग करते आ रहे हैं।
प्लास्टिक और फ्लेक्सिबल पैकेजिंग मैटेरियल तैयार करने वाले उद्योगों को अब पान मसाला सेक्टर के लिए अपने उत्पादन के तरीकों में बदलाव करना होगा। कंपनियों को अब प्लास्टिक के विकल्प के रूप में पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly), बायोडिग्रेडेबल या FSSAI द्वारा स्वीकृत अन्य सुरक्षित पैकेजिंग विकल्पों की तलाश करनी होगी, जिससे शुरुआती स्तर पर कंपनियों की पैकेजिंग लागत में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।
FSSAI के इस फैसले के पीछे के मुख्य कारण
प्लास्टिक कचरा (Plastic Waste) आज देश और दुनिया के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। सिंगल-यूज प्लास्टिक और लैमिनेटेड पाउच आसानी से नष्ट नहीं होते और लंबे समय तक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। प्लास्टिक या अनुचित लैमिनेटेड सामग्री में खाद्य पदार्थों या तंबाकू उत्पादों के लंबे समय तक रखे रहने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। FSSAI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत आने वाले सभी उत्पाद सख्त गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के दायरे में रहें।
आगे की राह और कंपनियों के लिए चुनौतियां
पान मसाला निर्माताओं को FSSAI द्वारा दी गई समयावधि के भीतर अपनी मौजूदा पैकेजिंग प्रणाली को पूरी तरह बदलना होगा। बाजार में उन सामग्रियों को बढ़ावा मिलेगा जो पूरी तरह से रीसाइक्लेशबल (Recyclable) हों या जिन्हें FSSAI ने आधिकारिक रूप से सुरक्षित घोषित किया हो। यह कदम FSSAI की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत देश भर में प्लास्टिक कचरे को कम करने और सुरक्षित खाद्य एवं उत्पाद पैकेजिंग को बढ़ावा देने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
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Author: UP Tak News
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