BJP vs Congress: भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान पर विशेष रिपोर्ट। राहुल गांधी के आरोपों पर संबित पात्रा का तीखा पलटवार, संसद में हंगामे और अदालती माफी पर भाजपा के मुख्य बयानों को विस्तार से जानें।
नई दिल्ली: संसद से लेकर मीडिया के गलियारों तक राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। राहुल गांधी की तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद, भाजपा ने भी मोर्चा संभाला और पार्टी मुख्यालय पर एक उच्च-स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने, संसद को गुमराह करने और गंभीर मुद्दों पर केवल राजनीतिक रोटियां सेकने का गंभीर आरोप लगाया। पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी मीडिया के सामने भले ही बड़े-बड़े दावे करें, लेकिन हकीकत यह है कि वह भाजपा या आरएसएस के सामने झुकने से इनकार करते हैं, जबकि अदालत में लिखित माफी मांगते रहे हैं।
BJP vs Congress: संसद में बोलने न दिए जाने के आरोपों पर भाजपा का खंडन
संबित पात्रा ने कहा कि सुबह से ही कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, लेकिन बेहतर यह होता कि यह पूरी बहस संसद के भीतर और नियमों के दायरे में होती। पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे को सिरे से खारिज किया जिसमें उन्हें सदन में बोलने से रोकने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि जब संसद में 45 अन्य सांसदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिला और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सदन में अपनी बात रखी, तो राहुल गांधी को क्यों रोका जाता?
भाजपा सांसद ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद अपनी सीट से खड़े होकर सदन के सभी सदस्यों से अपील की थी कि राहुल गांधी को पूरी शांति और ध्यान से सुना जाए। पात्रा ने कहा कि इससे बड़ी और परिपक्व लोकतांत्रिक परंपरा देश की संसद में और क्या हो सकती है। पात्रा ने स्पष्ट किया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केवल ‘इडियट’ जैसे अमर्यादित शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि भारतीय संसद के नियमों और परंपराओं के अनुसार सदन के भीतर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल वर्जित है।
BJP vs Congress: राहुल गांधी के ‘माफी’ वाले बयान पर संबित पात्रा का बड़ा हमला
राहुल गांधी के उस बहुचर्चित बयान पर—जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भाजपा या आरएसएस से कभी माफी नहीं मांगेंगे—संबित पात्रा ने तीखा पलटवार किया। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी कैमरे के सामने भले ही यह दिखावा करें कि वह किसी के आगे नहीं झुकेंगे, लेकिन अदालतों के रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। पात्रा ने याद दिलाया कि हाल ही में राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से जुड़े मानहानि मामले में अदालत में लिखित रूप से माफी मांगी थी। इसके अलावा, राफेल सौदे के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ ‘चौकीदार चोर है’ वाली टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट में उन्हें हलफनामा (Affidavit) देकर माफी मांगनी पड़ी थी। पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी कैमरों के सामने माफी मांगने से बचते हैं, लेकिन कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अदालतों में शपथपत्र देकर माफी मांगते रहे हैं।”
BJP vs Congress: छात्रों पर गोलीबारी और गृह मंत्री अमित शाह पर लगे आरोपों का जवाब
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर भाजपा ने पूरी तरह से सफाई दी। पात्रा ने सवाल किया कि राहुल गांधी ने संसद में दावा किया कि छात्रों पर गोलियां चलाई गईं और इसके लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। भाजपा ने चुनौती दी कि यदि वास्तव में कोई फायरिंग हुई थी, तो उसका कोई बैलिस्टिक सबूत, कारतूस या मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? पात्रा ने आरोप लगाया कि जब यह दावा धड़ाम हो गया और इसका कोई प्रमाण नहीं मिला, तो राहुल गांधी ने अपने बयानों के सुर और तेवर दोनों बदल लिए। भाजपा सांसद ने समझाया कि देश में कानून-व्यवस्था राज्य और स्थानीय प्रशासन के अधीन आती है। किसी भी अप्रिय स्थिति में मौके पर बल प्रयोग का निर्णय वहां मौजूद सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) लेते हैं। केवल इसलिए कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, यह कहना पूरी तरह से बेतुका और बचकाना है कि हर छोटी-बड़ी कार्रवाई का आदेश सीधे गृह मंत्री देते हैं।
गृह मंत्री को फोन पर निर्देश देने के दावे को बताया निराधार
राहुल गांधी के इस दावे पर कि उन्होंने खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अधिकारियों से फोन पर बात करते हुए अपनी आँखों से देखा था, संबित पात्रा ने कड़ा ऐतराज जताया। पात्रा ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण या दस्तावेज के मनगढ़ंत आरोप लगाना राहुल गांधी की पुरानी राजनीतिक आदत रही है। उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले राफेल मामले में भी राहुल गांधी ने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लेकर इसी तरह के झूठे और बेबुनियाद दावे किए थे, जो अंततः पूरी तरह गलत साबित हुए थे।
छात्र आंदोलन का राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी छात्र आंदोलन की आड़ में केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। पात्रा ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान सरकार ने पूरी गंभीरता दिखाते हुए सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की और इसका शांतिपूर्ण समाधान निकाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया। इस टास्क फोर्स में शिक्षाविदों के साथ-साथ तकनीक, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया। पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने बेहद सख्त नया कानून बनाया है।
संबित पात्रा ने अंत में दोहराया कि राहुल गांधी ने सदन और देश के अंदर जिस तरह से बिना तथ्यों के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं और संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, उसके लिए भाजपा राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करती है।
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Author: UP Tak News
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