Chanda Chori: संसद परिसर में ‘चंदा चोरी’ के नाटक पर मचा भारी सियासी बवाल, राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज, भाजपा का आरोप- “यह सनातन और संत समाज का घोर अपमान”
विशेष रिपोर्ट | नई दिल्ली: संसद परिसर में राजनीतिक विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया है। अयोध्या राम मंदिर के निर्माण और चंदे को लेकर विपक्षी सांसदों (विशेषकर ‘इंडी’ गठबंधन) द्वारा किए गए ‘नुक्कड़ नाटक’ ने एक नए सियासी घमासान को जन्म दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रदर्शन को सीधे तौर पर ‘सनातन धर्म’, ‘संत समाज’ और ‘करोड़ों हिंदुओं की आस्था’ पर हमला करार दिया है। इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों से लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
Chanda Chori: क्या है पूरा विवाद और कैसे हुई शुरुआत?
शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए आए चंदे में कथित गबन और हेराफेरी (“चंदा चोरी”) का आरोप लगाते हुए एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया था। इस विरोध प्रदर्शन का स्वरूप एक ‘नुक्कड़ नाटक’ जैसा था, जिसने सबसे ज्यादा विवाद खड़ा किया। इस प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पूरी तरह से साधु के वेश में नजर आए। उन्होंने भगवा वस्त्र धारण किए हुए थे और माथे पर तिलक लगाया हुआ था।
इस नाटकीय प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और कांग्रेस समेत ‘इंडी’ गठबंधन के कई अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया। इस नाटक के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया गया कि भगवान राम के नाम पर आए दान का दुरुपयोग या गबन किया गया है।
Chanda Chori: भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया और पुलिस में शिकायत
इस घटना के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया। शनिवार को नई दिल्ली से भाजपा सांसद और दिग्गज वकील बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा से मुलाकात की और एक विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा विधायक अनिल शर्मा और करनैल सिंह भी प्रमुख रूप से शामिल थे।
Chanda Chori: भाजपा नेताओं ने लगाए आरोप
बांसुरी स्वराज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “संविधान हमें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार जरूर देता है, लेकिन किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की अनुमति बिल्कुल नहीं देता।” उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध के नाम पर पप्पू यादव, अवधेश प्रसाद और राहुल गांधी के नेतृत्व में जो स्वांग रचा गया, वह कोई राजनीतिक प्रदर्शन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति, हिंदू प्रतीकों और देश के पूरे संत समाज का भद्दा मजाक था।
भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। जानबूझकर भगवा वस्त्र और तिलक का इस्तेमाल किया गया ताकि देश और दुनिया में यह संदेश जाए कि भगवा पहनने वाला पूरा संत समाज और हिंदू पुजारी चोर हैं। उन्होंने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
शिकायत पत्र की मुख्य बातें
नई दिल्ली के डीसीपी को सौंपे गए पत्र में विपक्षी नेताओं की इस हरकत को अत्यंत निंदनीय बताया गया है। शिकायत में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु उठाए गए हैं। राजनीतिक लाभ के लिए पवित्र हिंदू धार्मिक प्रतीकों (जैसे भगवा वस्त्र, माला और तिलक) का सार्वजनिक रूप से उपहास किया गया है। नाटक के माध्यम से यह झूठा नैरेटिव गढ़ा गया कि भगवान राम के भक्त और हिंदू पुजारी अपने निजी स्वार्थ के लिए दान का गबन करते हैं। इस कृत्य से उन करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं को गहरी ठेस पहुंची है, जो मंदिरों में दिए जाने वाले दान और इन प्रतीकों को बेहद पवित्र मानते हैं। इसलिए, इन नेताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
सूर्य मैथिल की गृह मंत्री से शिकायत
भाजपा नेताओं के अलावा, सूर्य मैथिल नामक एक शिकायतकर्ता ने भी इस मामले में कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे कृत्य को राहुल गांधी, डिंपल यादव, अवधेश कुमार और ‘इंडी’ गठबंधन के अन्य शीर्ष नेताओं का पूरा संरक्षण और समर्थन प्राप्त था।
मैथिल ने अपनी शिकायत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली पुलिस आयुक्त (CP), डीसीपी (नॉर्थ) और डीसीपी (नॉर्थ वेस्ट), जहांगीरपुरी थाने के एसएचओ (SHO) इन सभी उच्च अधिकारियों को भेजी है।
उन्होंने मांग की है कि धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने वाले इन सभी सांसदों और नेताओं के खिलाफ बिना किसी देरी के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पप्पू यादव की बढ़ीं मुश्किलें, दिल्ली से काशी तक विरोध
इस ‘नुक्कड़ नाटक’ में भगवा पहनकर मुख्य भूमिका निभाने वाले सांसद पप्पू यादव अब चौतरफा घिर गए हैं। उनके खिलाफ देश के कई हिस्सों में रोष पनप रहा है। शुक्रवार को ही राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में पप्पू यादव के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।
वाराणसी में साधु-संतों का आक्रोश
शनिवार को धर्मनगरी काशी (वाराणसी) में भी इस प्रदर्शन की गूंज सुनाई दी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साधु-संतों, पुजारियों और वकीलों के एक बड़े समूह ने सनातन धर्म के अपमान का गंभीर आरोप लगाते हुए पप्पू यादव और विपक्षी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतों का कहना है कि भगवा रंग त्याग और तपस्या का प्रतीक है, जिसे राजनीति के स्तरहीन नाटकों में घसीटकर कलंकित किया जा रहा है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है और देखना यह है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में दर्ज शिकायतों पर आगे क्या कानूनी कदम उठाती है।
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Author: UP Tak News
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