UPPSC APS Exam 2023: दो साल बाद आया अपर निजी सचिव भर्ती का शून्य परिणाम। विज्ञापन नियमों के विरुद्ध फैसले से अभ्यर्थियों में आक्रोश। पढ़ें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित अपर निजी सचिव (APS) भर्ती 2023 एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। लगभग दो साल के लंबे इंतजार के बाद जारी किए गए द्वितीय चरण (कौशल परीक्षा) के परिणाम ने हजारों योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है। आयोग के इस निर्णय के खिलाफ अभ्यर्थियों में भारी रोष है और इसे मनमाना तथा नियमों के विपरीत बताया जा रहा है।
UPPSC APS Recruitment 2023: भर्ती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि और टाइमलाइन
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सितंबर 2023 में अपर निजी सचिव (APS) के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी किया गया था। इस प्रारंभिक चरण की लिखित परीक्षा में कुल 5,889 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए थे।
भर्ती के दूसरे चरण के तहत 100 अंकों की कौशल परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 75 अंक आशुलेखन (Shorthand) और 25 अंक टाइपिंग टेस्ट के लिए निर्धारित थे। यह परीक्षा 28 जून 2024 से 18 जुलाई 2024 के बीच संपन्न हुई थी। परीक्षा संपन्न होने के लगभग दो साल बाद, 2 जून 2026 को इसका परिणाम घोषित किया गया।
UPPSC APS Recruitment 2023: परिणाम शून्य घोषित करना और रिक्तियों का अग्रेषण
आयोग द्वारा घोषित किए गए परिणाम के अनुसार, एक भी अभ्यर्थी का चयन नहीं हो पाया है। परीक्षा के माध्यम से भरी जाने वाली सभी 331 रिक्तियों को रद्द कर दिया गया और उन्हें भविष्य की भर्तियों के लिए अग्रेषित कर दिया गया। परिणाम के नाम पर लगभग दो वर्षों तक चले इस लंबे इंतजार और अंत में शून्य परिणाम आने से अभ्यर्थियों को भारी मानसिक प्रताड़ना और निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
UPPSC APS Recruitment 2023: विज्ञापन के नियमों के विपरीत निर्णय
अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों का तर्क है कि आयोग का यह निर्णय पूरी तरह से उनके अपने ही विज्ञापन में दिए गए प्रावधानों के खिलाफ है।
UPPSC APS Recruitment 2023: न्यूनतम दक्षता मानक बनाम 100% अंक
लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में तृतीय चरण (कम्प्यूटर प्रैक्टिकल) के लिए चयनित होने हेतु 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की कोई अनिवार्यता नहीं थी, बल्कि वहां ‘न्यूनतम दक्षता मानक’ (Minimum Efficiency Standard) का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। इसके विपरीत, आयोग ने मूल्यांकन के दौरान न्यूनतम मानक को ही अधिकतम मानक (100% अंक) बना दिया, जो देश की किसी भी भर्ती के इतिहास में अभूतपूर्व और तर्कहीन है।
UPPSC APS Recruitment 2023: विज्ञापन की बिंदु संख्या 19 का उल्लंघन
आयोग ने अपने विज्ञापन में ‘आवश्यक सूचना’ के अंतर्गत बिंदु संख्या 19 में स्पष्ट रूप से प्रावधान किया था कि SC/ST वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 35% अंक तथा सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों के लिए 40% अंक न्यूनतम दक्षता मानक के रूप में पाना अनिवार्य होगा। आयोग ने इस पूर्व-निर्धारित नियम को दरकिनार करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही खारिज कर दिया और इसका कारण यह बताया कि नियमावली में इसकी व्यवस्था नहीं है, जो कि पूरी तरह से निराधार है।
UPPSC APS Recruitment 2023: विरोधाभासी तर्क और कानूनी विसंगतियां
जिस ‘अपर निजी सचिव सेवा नियमावली 2001 के नियम 8’ का हवाला देकर वर्तमान भर्ती को रद्द किया गया है, उसी नियमावली के अंतर्गत अपर निजी सचिव 2010 की पूरी नियुक्ति प्रक्रिया सफलताપૂર્વक संपन्न हो चुकी है और अपर निजी सचिव 2013 का मामला अभी न्यायालय में लंबित है। ऐसे में 2023 की भर्ती के साथ यह अलग पैमाना अपनाया जाना पक्षपातपूर्ण है।
त्रुटिरहित गति’ का नया पेंच
पूरे भर्ती विज्ञापन में कहीं भी 80 शब्द प्रति मिनट की “त्रुटिरहित” (Error-free) गति का कोई उल्लेख नहीं था। परंतु 2 जून 2026 को जिस नोटिस के जरिए यह भर्ती रद्द की गई, उसमें पहली बार ‘त्रुटिरहित गति’ का हवाला दिया गया। यह सीधे तौर पर “खेल शुरू होने के बाद नियम बदलने” (Changing the rules of the game midway) के सिद्धांत के विरुद्ध है, जिसके संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के भी स्पष्ट निर्देश और निर्णय मौजूद हैं।
व्यावहारिक कठिनाइयां और विशेषज्ञों की राय
भाषा विशेषज्ञों और आशुलेखन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी भाषा में शत-प्रतिशत त्रुटिमुक्त आशुलिपि लिखना मानवीय रूप से अत्यंत कठिन या असंभव होता है। देश के किसी भी अन्य राज्य या केंद्रीय सेवाओं (जैसे UPSC या SSC) में भी ऐसा कोई नियम लागू नहीं है। यदि आयोग को त्रुटियों पर आपत्ति थी, तो उसे विज्ञापन में तय किए गए नियमों के अनुसार प्रत्येक गलती पर निर्धारित अंक काटकर परिणाम जारी करना चाहिए था, न कि पूरी प्रक्रिया को ही रद्द करना चाहिए था।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को विज्ञापन में उल्लिखित ‘महत्वपूर्ण सूचना’ के बिंदु संख्या 19 को ही आधार बनाना चाहिए।
- आशुलेखन और टाइपिंग की परीक्षा में हुई त्रुटियों के आधार पर अंक काटते हुए न्यूनतम दक्षता मानक (कटऑफ) के आधार पर पुनः संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
- अड़ियल रवैया छोड़कर 331 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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Author: UP Tak News
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