Ballia News: वन्देमातरम की 150वीं वर्षगांठ एवं 31वें पृथ्वी पर्व के अवसर पर जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) के अर्थशास्त्र विभाग और ग्रामीण संविकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में देशभर के शिक्षाविद, शोधार्थी और विशेषज्ञ शामिल हुए।
कृषि और ऑर्गेनिक खेती से बढ़ेगी बलिया की अर्थव्यवस्था: दयाशंकर सिंह
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बलिया की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है और इसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि बलिया में प्राकृतिक रूप से ऑर्गेनिक खेती होती है, जिसका व्यवसायीकरण कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
साथ ही उन्होंने भारतीय परंपरा में प्रकृति संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में “लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट” की अवधारणा बेहद प्रासंगिक है।
विश्वविद्यालय समाज और शासन के बीच सेतु: कुलपति प्रो. के.एन. सिंह
विशिष्ट अतिथि दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.एन. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र नहीं, बल्कि समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु भी है।
उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी में बलिया के विकास को केंद्र में रखकर विचार-विमर्श होगा, जिसके निष्कर्ष नीति निर्धारकों तक पहुंचाए जाएंगे।
पर्यावरण असंतुलन पर चिंता, सतत जीवनशैली अपनाने पर जोर
पूर्व कुलपति प्रो. आर.एन. यादव ने उपभोक्तावादी संस्कृति को पर्यावरण क्षति का प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग, एसिड रेन और ओजोन परत क्षरण जैसे खतरों का जिक्र करते हुए पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारतीय परंपरा में पर्यावरण संरक्षण का महत्व
मुख्य वक्ता जिला न्यायाधीश (अयोध्या) मनोज तिवारी ने कहा कि भारतीय धर्मग्रंथों में पर्यावरण संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में धरती और प्रकृति को माँ का दर्जा दिया गया है, इसलिए हमें उसी भाव से इसकी रक्षा करनी चाहिए।
प्रकृति संरक्षण हर व्यक्ति का कर्तव्य: कुलपति प्रो. संजीत गुप्ता
अध्यक्षीय वक्तव्य में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि मनुष्य पर देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण के साथ-साथ प्रकृति का भी ऋण है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है और इसी के साथ विकास के लक्ष्य हासिल करने होंगे।
संगोष्ठी के आयोजन में कई शिक्षाविदों की भूमिका
संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन प्रो. एन.के. राणा (कुलसचिव, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय) ने किया।
आयोजन सचिव डॉ. शशि भूषण और सह सचिव डॉ. गुंजन रहे।
कार्यक्रम का स्वागत डॉ. पुष्पा मिश्रा, संचालन डॉ. सरिता पाण्डेय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रमोद शंकर पाण्डेय ने किया।
इस अवसर पर कुलसचिव एस.एल. पाल, वित्ताधिकारी आनंद दुबे, विभिन्न महाविद्यालयों के प्रबंधक, प्राचार्य, प्राध्यापक, शोधार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
द्वितीय सत्र में शोध पत्र व पैनल डिस्कशन
संगोष्ठी के दूसरे सत्र में शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
“विकसित भारत के निर्माण में उच्च शिक्षा की भूमिका” विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन में—
- प्रो. बी.एन. पाण्डेय (प्राचार्य, सतीश चंद्र कॉलेज)
- प्रो. अशोक कुमार सिंह (पूर्व प्राचार्य, कुँवर सिंह कॉलेज)
- डॉ. अजय चौबे
ने अपने विचार साझा किए।
सत्र का संचालन डॉ. अनुराधा राय ने किया।
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Author: Abhishek Mishra
अभिषेक मिश्रा , यूपी तक न्यूज़ में एक सीनियर पत्रकार व एक प्रशिद्ध कवि भी हैं। वे काव्य और क्राइम, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाते हैं। मीडिया में उन्हें 1 साल का अनुभव है। ये करीब एक साल से UP Tak News Media Publication (Digital) के यूपी/उत्तराखंड टीम में कार्यरत हैं। और ये खासकर बलिया जनपद से जुडी रिपोटिंग करते है।